Keyboard kya hai, History, karya, prakar Hindi me samjhaiye.

आप लोगो ने keyboard को कही न कही तो देखा ही होगा और बहोत से लोगो ने उपयोग भी किया होगा। कंप्युटर कीबोर्ड का उपयोग करने पर एक अलग ही महसूस होता है। यह data को कम समय मे बहोत ज्यादा enter कर सकता है।

तो आखिर आप लोग सोच रहे होंगे कि keyboard kya hai यह एक computer (संगणक) का भाग है। जो hardware के भाग मे आता है, जिसे हम touch और feel भी कर सकते है। इसे कोई भी व्यक्ति आसानी से use करके अपने skill को develop कर सकता है।

जिसका उपयोग अलग-अलग जगहों पर किया जाता है। keyboard से कुछ भी typing तथा computer को control किया जाता है। जिससे हमें keyboard के बारे मे अवश्य जानना चाहिए तो चलिए बिना देरी किये शुरू करते है।

कि-बोर्ड क्या है (what is keyboard in Hindi)

Keyboard एक input device है जिसकी सहायता से text, number, अलग-अलग symbols को enter किया जाता है, जिसे keyboard कहते है।


की-बोर्ड के द्वारा computer को अलग-अलग instruction तथा आदेश दिये जाते है। किसी कुंजी को press करने पर वैसा ही computer को सिग्नल भेजेगा। हम अपने कार्यक्रम और project को असानी से देख और कर सकते है।

कि-बोर्ड का इतिहास क्या है

कीबोर्ड का आविष्कार क्रिस्टोफर लैथम शोल ने 1868 में किया था। जो एक अमेरिकी नागरिक थे उन्होंने सबसे पहले typewriter machine ( टंकण यंत्र ) को 1867 मे बनाया था। यह एक machanical device है जिसमे कुंजीयो का क्रम ABCD मे उपस्थित था।


जिसका उपयोग paper पर कुंजीयो की सहायता से text, number और अलग-अलग चिन्ह का छपाई करते है। जिसकी वजह से बाद मे समस्या यह होने लगा कि जब कोई user टंकण यंत्र के pair ( पास वाले दो कुंजीयो ) को दबाता था तो वह जाम हो जाता था।


उस यंत्र मे बहोत सारे moving part होते थे। जैसे – gair, liver और बाकी के part जो आपस मे फस जाते है। जिससे typing करने मे मुश्किल होता था। तब वैज्ञानिक लोगों ने कुंजीयो को बदलना शुरु किया जैसे- जैसे समय बदलता गया वैसे ही technology में भी परिवर्तन के कारण एक नये modern generation कीबोर्ड का खोज हुआ ।

जिसे ही आज हम लोग qwerty layout कीबोर्ड के नाम से जानते है। जो एक electronic device पर आधारित है। जिसे digital कीबोर्ड कहते है, जिसकी सहायता से typing करने के बाद उसे हम delete भी कर सकते है। लेकिन typewriter में typing करने के बाद delete नही कर सकते हैं।

Keyboard kam kaise karta hai ( कीबोर्ड का कार्य क्या है )

Computer को use करने वाले लोगो को बहोत अच्छे से पता होगा कि यह काम कैसे करता है। लेकिन जीन भाई को नही पता होगा उसके लिये यह जानकारी बहोत लाभदायक होगा। जब कभी कंप्युटर पर बैठने के बाद keyboard के कुंजी को दबाते है तो वहीं कुंजी कंप्युटर में इनपुट होता है।


Keyboard को खोल कर उनके अन्दर देखने पर उसमे एक flexible plastic होता है, जिसे सर्किट का जाल कहा जाता है। जो बोर्ड के आकार का होता है, और प्रत्येक कुंजी के circuite को define किया रहाता है। three layer रहता है।

Upper cunducting layer Insulator cunducting layer
Lower cunducting layer


हर कुंजी का अपना-अपना curcit लगा होता है, और इन circuite को Insulator अलग रखता है, कुंजी को press करने पर उसमे लगे रबर डोम की सहायता दोनों layers का curcit insulator के hole से touch होने लगता हैं।


जिससे curcit पूरा होने के कारण electric single भेजने लगता है। keyboard में लगे ROM मे सभी कुंजीया पहले से ही maping रहता है। ROM उस single को match करने के बाद सीधा processor के पास single को भेजता है, जिससे फिल्टर करके computer में उसे इनपुट करता है।
उम्मीद करता की आपको अच्छे से समझ मे आया होगा।

Keyboard layout ke prakar ( कीबोर्ड बनावट के प्रकार )

किसी कीबोर्ड का layout उसके भौतिक संरचना को दर्शाता है कि उसकी कुंजीया किस प्रकार स्थापित किया गया है। उसे ही कंप्युटर कीबोर्ड का layout कहा जाता हैं। typing का speed बढ़ाने के लिए समय-समय पर उसके भौतिक संरचना तथा कुंजीयो में परिवर्तन होता रहा हैं।
लेकिन आज उनमे से कुछ ही वैश्विक रूप से प्रचलित हुआ हैं जिनके कुंजीयो के आधार पर उनके अलग-अलग नाम हैं जिसको हम नीचे जानेंगे।

I. QWERTY Keyboard

Qwerty keyboard का उपयोग पूरी दुनिया मे छोटे से लेकर बड़े कामों मे किया जाता है जो हर एक device में असानी से देखने को मिल जायेगा। इस कीबोर्ड के पहले alphabetical row में इसी layout का जिक्र किया रहता हैं।
इस layout से संबन्धित कुछ और कीबोर्ड हैं जो उनके कुंजीयो को बदल कर बनाया गया हैं।
I. AZERTY
II. QWERTY
III. QWERTZ

II. Non-QWERTY keyboard
एसे कीबोर्ड जिनका layout, QWERTY keyboard की कुंजीयो की संरचना से अलग रहता है तथा इनका उपयोग qwerty keyboard की तुलना मे कम उपयोग होता हैं।
i. Devorak
ii. Colemak
iii. Maltron

Keyboard ke button ke prakar ( कीबोर्ड के बटन के प्रकार )

यह computer, laptop में कुंजीयो की संख्या अलग – अलग होता है। कुछ कीबोर्ड मे बटन की संख्या 104-108 तक होता हैं। कंप्युटर कीबोर्ड के कुंजीयो की अलग- अलग काम तथा प्रकार होता हैं जिसे कई भागों मे बाटा गया हैं।


I. Function key
कि-बोर्ड के सबसे ऊपर वाले पंक्ति में लगे कुंजीयो की संख्या 12 होती हैं जो क्रमशः F1-F12 हैं।

II. Number key
यह कुंजी Function key तथा alphabetical key के मध्य मे 0 – 9 तक रहता हैं।

III. Alphabetical key
की-बोर्ड में अंग्रेजी अक्षर मे स्थित 26 अक्षर होता हैं। इसका उपयोग शब्दों को लिखने के लिए किया जाता हैं।


IV. Special key
इनका उपयोग कुछ विशेष कार्य तथा एक साथ दूसरे key को press करने के लिए किया जाता हैं।
Ex. Shift, enter, tab, ctrl, alt, window, caps lock etc.


V. Numeric keypad
Computer मे Numeric keypad 0-9 तथा कुछ symbols भी उपस्थित होते है, जिससे calculation करने मे आसानी होती हैं।


VI. Indicator lite
की-बोर्ड में इनका उपयोग बहोत अहम भूमिका निभाता हैं। तथा ये तीन लाइट होता है,
Num lock को press करने पर Numeric keys काम करता हैं
Caps lock को चालू/बंद करने पर अक्षर छोटे और बड़े अक्षर मे लिखता हैं।
Scroll lock को on/off करने पर mouse का scrolling चालू तथा बंद हो जाता हैं।

आज आपने क्या सीखा

मैं आशा करता हु कि keyboard kya hai History, karya, Prakar Hindi me samjhaiye आपने बहोत कुछ सीखा होगा। यह सोशल मीडिया पर अपने मित्रो तथा भाइयों-बहनों के साथ जरूर शेयर करे ताकी वो भी कीबोर्ड के बारे मे अच्छे से सीख पाये।

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