Modem kya hota hai, kitne prakar hai( मोडेम क्या होता हैं, कितने प्रकार है)

इस बढती हुई टेक्नोलॉजी में लोगों का इन्टरनेट के बिना उनका जरूरी काम रुक जाता है। कुछ लोग इसके लिए तो अपना दूसरा काम भी करना भूल जाते है, इस लेख में हम जानेंगे “modem kya hota hai”। Modem का निर्माण internet को तेज और सही रूप से चलाने के लिए बनाया है।


Modem एक नेटवर्किंग device है, यह ISP (Internet service provider) से computer को internet provide कराने का काम करती है। Modem के द्वारा लोग इन्टरनेट का आसानी से उपयोग कर रहे है।


मोडेम के आने से किसी भी प्रकार का जानकारी बहोत कम समय मे भेज और प्राप्त कर सकते हैं। Modem से direct केवल एक ही computer जोड़ सकते हैं, मोडेम डाटा को सिग्नल के रूप मे भेजते और प्राप्त करते है ।

Modem kya hai – मोडेम की परिभाषा

Modem एक communicating device hai, यह Analog signal को digital तथा digital signal को Analog signal me रूपांतरित करते है। Modem इन्टरनेट और कंप्युटर के बीच मे लगा रहता है।


Analog signal एक निरंतर तरंग है जो एक समय अवधि के बाद बदलती रहती है। यह तरंगों के रूप मे टेलीफोन लाइन मे प्रवाहित होता हैं। इसका आकार घुमावदार होता है जिसको Modem digital signal में परिवर्तित कर देता है।


Digital signal एक असतत लहर है जो binary form (0,1) के रूप में रहता हैं. यह computer में बीट्स के रूप मे डाटा प्रवाहित होता है। मोडेम डिजिटल सिग्नल को Analog सिग्नल में परिवर्तित कर देती हैं।


Modem ka itihas – मोडेम का इतिहास

पहला Modem 1950 में अमेरिका ने एयर डिफेंस को डाटा भेजने के उद्देश्य से बनाया। पहला कमर्शियल मोडेम 1962 में AT&T( अमेरिकन टेलीफोन और टेलिग्राफ) के द्वारा बनाया गया। इसका नाम बेल 103 था, जिसका स्पीड 300 Bit per second थी। मोडेम


Dial-up modem, इसके बाद बनाया गया जो एक विशेष नंबर डायल करने पर इन्टरनेट चालू होता था। यह Modem एक बार में internet या फोन पर बात कर सकते थे। डायल-अप मोडेम की डाटा ट्रांसफर करने की speed 56kbps तक होती थी। इसने 90 के दशक में internet में क्रांति ला दिया था जिससे इसकी मांग बहोत तेजी से बढ़ गयी।

धीरे-धीरे technology बढ़ने से आधुनिक Modem का अविष्कार हुआ। DSL मोडेम (digital subscriber modem) जो टेलीफोन लाइन पर चलती है। सेटलाइट मोडेम यह अंतरिक्ष से डाटा का आदान प्रदान करता हैं,। वर्तमान मे Modem और Router एक मे ही आता है जो ISP हमें provide करते है। Ex. Fiber optic, integrated, wi-fi Router आदि।


How is work modem (मोडेम काम कैसे करता है)

Modem दो शब्दों से मिलकर बना है जो Modulater और dimodulater है। हम लोग बहोत कुछ जान चुके है कि “Modem kya hota hai”। मोडेम में power adapter के cable को पावर स्लोट में लगाते है। इन्टरनेट स्लोट में ब्रॉड बैंड केबल जोड़ते है जो ISP द्वारा provide किया जाता है।


Modem जब Analog signal को digital signal में बदलता है तो इसे हम Demodulation कहते हैं। Modem Analog signal को digital signal में बदलता है तो इसे हम Demodulation कहते हैं। यह सिग्नल को प्राप्त करते समय होता हैं। डिजिटल सिग्नल को एनालोग सिग्नल में मोडेम की बदलने की प्रक्रिया को Modulation कहते हैं। विशेष कर यह सिग्नल को कंप्युटर से भेजते समय होता है।


इस डिवाइस मे एक resset button होता है जब कभी पासवर्ड change करके भूल जाने पर उस बटन को दबा देते हैं। कंपनी द्वारा दिये गये पासवर्ड फिर से आ जाता हैं। modem अपने आप से self testing कर सकता हैं, इस डिवाइस में कोई गलती होने पर यह हमें signal भेजता हैं. जिससे user लाइट के माध्यम से पता लगा लेता हैं।


Modem kitne prakar ke hote hai ( मोडेम कितने प्रकार का होता हैं)

Enternal modem (आंतरिक मोडेम)
यह modem सभी डिवाइस के अंदर लगा रहता हैं जो expainsen board ki तरह दिखता है। computer के मदरबोर्ड मे भी वह लगा रहता है। मोबाइलों और लैपटॉप के अंदर भी लगे रहते हैं जिससे हम आसानी से internet चला पाते हैं। इनकी स्पीड भी अच्छी होती है।

External modem (बाहरी मोडेम)
ऐसे मोडेम जो भौतिक रूप से कंप्युटर को सीधे line cable से जोड़ते है, इनका आकार एक बॉक्स की तरह होता है जिसमें छोट-छोटे सर्किट लगे होते है। यही सर्किट सिग्नल को बदलने में सहायता करते है।

Cable Modem( केबल मोडेम)
इस प्रकार के डिवाइस में coaxial cable का उपयोग होता है। एक तरफ cable modem में लगता है तथा दूसरे छोर पर cable box में लगता हैं। इसकी थेरोटिकल speed 30mbps तक होती है जो काफी अच्छा है।

Dial-up Modem (डायल-अप मोडेम)
इन्टरनेट से कंप्युटर को जोड़ने का यह बहोत पुराना तरीका है। एक विशेष फोन नंबर को डायल करके internet का उपयोग कर सकते थे। इसमे ak समय पर फोन से बात नहीं तो इन्टरनेट का इस्तेमाल कर सकते थे। इसका स्पीड 56kbps था।

DSL Modem

DSL(Digital subscriber line) modem एक electronic device है जो computer, Router और दूसरे device को टेलीफोन लाइन से जोड़ने का काम करते है। इसे ब्रॉड बैंड के नाम से भी जाना जाता है, यह ISP से टेलीफोन लाइन को connect करता है इसके आगे splitter लगा होता है। स्प्लिटर से टेलीफोन तथा Router जुड़ा होता है।

DSL Modem से अब एक साथ टेलीफोन लाइन पर बात और internet एक साथ चला सकते है। मोबाइल, wi-fi device और दूसरे internet device को एक साथ जोड़ सकते है। इस डिवाइस में Modem और Router एक साथ आते है जिसे हम gateway भी कहते हैं। इसकी speed 5mbps-10mbps तक हो सकती है इसके भी प्रकार होता है।

  • ADSL MODEM

ADSL( Asymmetric digital subscriber line) modem इसका उपयोग डाटा को downloading करने में ज्यादा किया जाता था। इसमे uploding की क्षमता कम था।

  • SDSL Modem

SDSL (Symmetric digital subscriber line) modem इसमे डाउलोडिगं से ज्यादा अपलोडिगं करने की स्पीड पायी जाती है।

Setellite Modem
इस प्रकार के मोडेम में टेलीफोन लाइन या किसी केबल की जरूरत नहीं पड़ती है। यह modem रेडियो सिग्नल का उपयोग करके information का आदान प्रदान karta है। इसकी speed लगभग 50mbps से भी तेज होती है।

आज अपने क्या सीखा
मैं आशा करता हू की आपने Modem kya hota hai अच्छे से समझ चुके होंगे। आप को लगता है अगर इस लेख में कुछ छुट रहा है या नहीं तो आप जरूर अपनी राय दे। Networking में जिसको रुचि है उनको भी दिखाये और Like, comment, share करना ना भूले।

Leave a Comment