Scanner kya hai kaise kam karta hai

नमस्कार दोस्तों इस लेख में हम बात करने वाले है कि scanner kya hai कैसे काम करता हैं। इसके कितने प्रकार है, इसका उपयोग क्या है, स्कैनर कब बनाया गया था। किसने बनाया था सब कुछ विस्तार पूर्वक बताने वाला हू।

यह जानकारी बहोत इंट्रेस्टिंग होने वाला है जो आपके समझ को बहोत बढ़ाने वाला हैं। बहोत लोगों को प्रिंटर और स्कैनर के बीच अन्तर नहीं पता होता हैं। जिसको मैं पूरी तरह से स्पष्ट करने वाला हू तो बिना आपका समय लेते हुए चलो शुरूआत करते है।

Scanner kya hai- स्कैनर क्या है

स्कैनर एक इनपुट डिवाइस है जो text, image और document के hard copy को soft copy मे बदल देता है। यह टेक्स्ट को मोडिफाइ भी कर सकता हैं।

Scanner सभी प्रकार के डॉक्युमेंट्स को सॉफ्ट कॉपी मे बदल कर कंप्युटर मे डाटा को सेव करता है। यह एक सॉफ्टवेयर ऐप्लिकेशन के मदत से कलर, ब्लैक और व्हाइट इमेज को आसानी से कंप्युटर मे सेव कर देता है। यह हाथ से लिखी हुई नोट्स को भी स्कैन कर सकता हैं।


स्कैनर को किसने बनाया था

सर्वप्रथम स्कैनर को 1957 मे Russell A. Kirsch ने अपने टीम के नेतृत्व मे Drum scanner का अविष्कार किया। US National Bureau of Standards (NBS) रसेल ए किर्च इस इंस्टिट्यूट को lead कर रहे थे।

ड्रम स्कैनर मे सबसे पहली तस्वीर रसेल किर्च के बेटे का लिया गया था जो मात्र तीन महीने का था। यह तस्वीर ब्लैक और व्हाइट तथा इसका size 5x5cm और 176 pixel का था। इसके बाद 1975 मे Russell Ray-mond Kurzweil ने पहला Flatbed scanner को बनाया था।

स्कैनर कैसे काम करता है

स्कैनर का मुख्य काम डॉक्युमेंट्स को स्कैन करके कंप्युटर मे रखता है इसको कंप्युटर से USB केबल या ब्लूटूथ से जोड़ा जा सकता हैं। स्कैनर मे पहले से ही एक ऐप्लिकेशन सॉफ्टवेयर दिया जाता है जिसे कंप्युटर मे इंस्टाल करना बहोत आवश्यक होता हैं।

Scanner का resolution जितना बेहतर होगा इमेज का क्वालिटी उतना ही अच्छा आयेगा। स्कैनर का resolution रेंज 300 DPI ( Dot per inch) से 2400 DPI तक होता है। डॉक्युमेंट्स को स्कैन करने के लिए इसके ग्लास प्लेट पर रखा जाता है। इसके अन्दर लगा लाइट ऑन हो जाता है जिससे मिरर टेक्स्ट को आसानी से रिफलेक्ट कर पाते है।

रिफलेक्ट हुआ टेक्स्ट, इमेज जब लेंस पर गिरता है तो उसी प्रकार का जानकारी एक CCD device को देता हैं। यह डिवाइस ड्रम की सहायता से टोनर पर लगे स्याही को पेपर पर छापता है। इसके बाद fuser के सहारे पेपर पर टेक्स्ट को स्थायी रूप से छाप देता है।

स्कैनर के कितने प्रकार हैं

स्कैनर निम्नलिखित प्रकार के होते है जिनका काम करने की क्षमता अलग-अलग निर्धारित किया गया है

Drum scanner kya hai

ड्रम स्कैनर दुनिया का पहला scanner है जिसे सबसे पहले कंप्युटर के साथ उपयोग करने के लिए बनाया गया था। इसका पिक्चर क्वालिटी तथा resolution बहोत अच्छा होता हैं। यह ज्यादातर उपयोग बडे कामो और प्रिंटिंग प्रेस मे उपयोग होता है। यह दूसरे स्कैनर से काफी महंगा, भारी और प्रचलित है।

Flatbed scanner kya hai

फ्लैटबेड स्कैनर एक optical scanner होता है जिसको डॉक्युमेंट्स स्कैन करने के लिए प्लेन सतह का उपयोग करता है। यह पुराने इमेज और डॉक्युमेंट्स को भी स्कैन कर सकता है। इसका स्कैन करने का स्पीड काफी तेज होता है जो एक मिनट मे 27 पेज स्कैन कर सकता हैं

Sheetfed scanner kya hai

इस प्रकार के स्कैनर मे एक tray होता है जिसमें documents को स्कैन के लिये रखा जाता है। शीटफेड स्कैनर automatic स्कैनर और ADF scanner के नाम से जाना जाता हैं। यह आकार मे छोटे तथा अपने size के पेपर को ही स्कैन कर सकते हैं। इसे ज्यादा करके घर और ऑफिस में उपयोग होता हैं।

Biometric scanner kya hai

ऐसे स्कैनर जो फिंगर और आंखों के पुतली को स्कैन करके इंसान को जाना जाता है उसे biometric scanner कहते है। हमारे फिंगर मे स्कैनर 40 से 50 और आंखों मे 250 जानकारी को स्कैन करता है। इस स्कैनर मे लाइट के साथ-साथ सेंसर भी लगे होते है जो स्कैन करने मे मदत करते है।

Handheld scanner kya hai

ये स्कैनर दुकानों और मॉल में बहोत ज्यादा उपयोग होता हैं। यह product मे दिये गये barcode के व्हाइट लाइन को पढ़ता है। इसमे प्रोडक्ट के मैनुफैक्चरिगं डेट, प्राइस, expiry डेट और बैच नंबर दिया रहता हैं। इसमें एक लेजर लाइट और सेंसर लगे होते है जो स्कैन करने मे आसानी होता है।

MICR scanner kya hai

MICR (Magnetic ink character recog-nition) एक इनपुट डिवाइस हैं। MICR मैग्नेटिक टेक्स्ट और कुछ special key को पहचाने मे उपयोग किया जाता हैं। इसका उपयोग cheque पर लिखे मैग्नेटिक टेक्स्ट अकाउंट, चेक और बैंक नंबर को आसानी से पढ़ सकता हैं।

OMR KYA HAI

OMR (Optical mark recognition) एक इनपुट डिवाइस है जो विशेष प्रकार के exam पेपर को स्कैन करता हैं। इस optional पेपर पर पेन या पेंसिल से टिक सही ऑप्शन को पता लगाने के लिये स्कैन करता हैं। इसका उपयोग ज्यादा करके OMR शीट, ऑफिस, exams और हाथ से चिन्हित किये गये plain sheet पर होता हैं।

OCR kya hai

OCR (Optical character recognition) भी एक इनपुट डिवाइस है। यह टेक्स्ट और हाथ से लिखे टेक्स्ट को कंप्युटर मे डिजिटल रूप मे बदल देते है। इसका सबसे ज्यादा उपयोग ऑफिस और लाइब्रेरी मे डिजिटल रूप मे books और डॉक्यूमेंट को बदलने मे होता हैं।

आज आपने क्या सीखा

मुझे उम्मीद है कि दोस्तों Scanner kya hai आपको बहोत कुछ सीखने को मिला होगा। इस लेख मे अगर कुछ छुट रहा है तो जरूर कॉमेंट करे ताकी इसे और अच्छा बनाने का कोशिश करूंगा। इस लेख को अपने दोस्तों को भी शेयर करे जिससे वो भी स्कैनर के बारे मे सीख सके। धन्यवाद!!!

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