Speaker kya hai kitne prakar hai – स्पीकर क्या है कितने प्रकार हैं

नमस्कार दोस्तों आज हम इस लेख में बात करने वाले हैं कि Speaker kya hai कितने प्रकार है। यह काम कैसे करता हैं और स्पीकर आवाज कैसे उत्पन्न करता है। इसके पीछे का साइंस क्या है सब कुछ तो बने रहिये इस इंट्रेस्टिंग लेख में। बिना आपका समय जाया करते हुए शुरू करते हैं।

Speaker kya hai स्पीकर क्या है

Speaker एक output device है इसका मुख्य काम आवाज को उत्पन्न करना है जो इलेक्ट्रिकल एनर्जी को साउंड सिग्नल में बदलता है।

स्पीकर एक तरह का transducer होता है जिसमें electric single को sound single में बदलता है जिसे हम लोग आसानी से सुन सकते है। यह एयर को compress करता है जिससे high और low pressure बनता हैं।

स्पीकर को किसने और कब बनाया

पहला स्पीकर Johan Philip Ris ने 1861 में बनाया था इन्होंने टेलीफोन में लाउड स्पीकर जोड़ा ताकि आवाज तेज सुनाई सके। इसके बाद 1876 में एलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने विद्युत लाउड स्पीकर को पेटेंट करवाया।


Speaker एक output device है इसका मुख्य काम आवाज को उत्पन्न करना है जो इलेक्ट्रिकल एनर्जी को साउंड सिग्नल में बदलता है।
Speaker को किसने और कब बनाया।

पहला speaker Johan Philip Ris ने 1861 में बनाया था इन्होंने टेलीफोन में लाउड स्पीकर जोड़ा ताकि आवाज तेज सुनाई सके। इसके बाद 1876 में एलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने विद्युत लाउड स्पीकर को पेटेंट करवाया।

आज के गतिशील स्पीकर 1925 मे एडर्वड डब्ल्यू केलाग और चेस्टर डब्ल्यूराइस ने किया था जो एक ही सिद्धांत पर काम करते है। सन 1930 मे जेन्सेन ने पहली बार वैद्युत चुम्बकीय लाउड स्पीकर को बनाया था।


Speaker kaise kam karta hai


इसमे एक circular magnet (चुम्बक) लगा होता है जिसके आगे एक खुला सर्कुलर Iron metal का प्लेट लगा रहता है जो नॉर्थ पोल का काम करता हैं। पीछे तरफ भी एक plate लगा हैं जिसका पोल आगे की तरफ निकला रहता हैं। यह south pole का काम करता हैं।

इन प्लेटों के कारण इनके बीच मे स्ट्रॉन्ग मैग्नेटिक फिल्ड बन जाता है। नीचे वाली iron प्लेट के पोल तथा ऊपर वाली प्लेट के बीच मे थोड़ा जगह छुटा रहता है। इस गैप में एक voice coil इस तरह रखते है कि ऊपर-नीचे करने पर चुम्बक से टकराये नही।

वॉयस क्वाइल पेपर या मेटल से बना रहता है इसके ऊपर copper का तार लपेटा रहता हैं। जब वॉयस क्वाइल मे करंट दिया जाता है तो यह चुम्बक की तरह काम करता हैं। दोनों south pole पास होने के कारण कमपन्न करते रहते है जिससे sound सुनाई पड़ता है।

स्पीकर में स्पाइडर भी रहता है जो अन्दर से वॉयस क्वाइल तथा बाहर speaker फ्रेम से जुड़ा रहता है। spider voice coil को मैग्नेटिक फील्ड मे बनाए रखता है।

Speaker मे cone लगा होता है जो सीधे voice coil से जुड़ा रहता है। कोन आवाज उत्पन्न करने में अहम भूमिका निभाता है क्योंकि यह एयर के संपर्क में रहता है। cone को सपोर्ट करने के लिए पेपर या रबर का स्ट्रक्चर बना रहता है जिसे surround कहते है।

Surround और spider की सहायता से वॉयस क्वाइल और कोन एक ही दिशा मे ऊपर-नीचे होता रहता है। कोन के अंदर एक dust cap लगा होता है जिससे voice coil खराब न हो। स्पीकर के बाहर लोहे का frame लगा दिया जाता है।

Voice coil के दो तारो को बाहर निकाल दिया जाता है ताकि उसे Amplifire से जोड़ा जा सके। एमप्लिफायर में जो sound play करेंगे उसी हिसाब से वॉयस क्वाइल vibrate करता हैं।


स्पीकर लगाने के आधार पर प्रकार


Component speaker kya hai

इस सिस्टम में tweeter, woofer और loudspeaker अलग-अलग लगे होते है। इसमे एक crossover भी लगा रहता है, इसका काम सिस्टम में प्रत्येक पार्ट्स को उसके हिसाब से आवाज को देना रहता है। ट्वीटर हाई साउंड तथा बुफर लो साउंड देता है यह लगाना थोड़ा मुश्किल होता हैं।


Coaxial speaker kya hota hai

इसमे सभी पार्ट्स एक मे ही लगे रहते है इसको लगाना आसान होता है। इसमे टर्मिनल के बगल एक capacitor लगा रहाता है जो क्रॉस ओवर का काम करता हैं। यह frequency को सिस्टम के लायक बनाता है।


Speaker ke prakar- स्पीकर के प्रकार
यहाँ स्पीकर के कुछ मुख्य प्रकार के बारे मे बात करने वाले है जो इस प्रकार है।


Tweeter kya hai
ट्विटर स्पीकर के साथ बहोत अलग-अलग अवाजे निकालता है। जैसे छम-छम, इसको कैबिनेट की जरूरत नहीं पड़ती, यह स्पीकर के आवाज को अच्छा बनाते हैं। इसकी frequency range 5kHZ- 20kHZ तक hota हैं।

इसको उपयोग करने में भी आसानी होता हैं, tweeter high range की sounds निकालता हैं। ट्विटर के भी प्रकार होते हैं।
i. Paper tweeter
ii. Piezo tweeter
iii. Dome tweeter
iv. Silk tweeter
v. Compression or Horn tweeter
vi. Ribbon tweeter


Woofer Speaker kya hai

वुफर मे सभी प्रकार की आवाज निकाली जाती है, यह bass, treble और आवाज ( vocals) भी निकालता है। इसका फ्रीक्वेंसी रेंज 40Hz – 2.5kHz तक होता हैं। Woofer कम पावर use करता हैं


Subwoofer Speaker kya hai
सबवुफर केवल हमें bass निकलकर देता हैं, यह न तो sounds और न ही treble देता है। इसको एक अच्छे cabinet और Amplifier की आवश्यकता पड़ती हैं। जिसके कारण बेस्ट sounds देता हैं।


Bluetooth speaker kya hai
ब्लूटूथ स्पीकर एक वायरलेस स्पीकर है जो रेडियो तरंगो का उपयोग करता है। इस प्रकार के स्पीकर डिजिटल सिग्नल को sound सिग्नल में बदलते हैं।

इसमें DAC ( digital to Analog converter) नाम का एक curcit लगा होता हैं जो आवाज को change करता हैं। bluetooth 2.4GHz तथा fixed frequency पर काम करता हैं।


Internal और External speaker क्या है
वे स्पीकर जो लैपटॉप, मोबाइल और दूसरे सिस्टम के अंदर लगे रहते हैं उसे आंतरिक स्पीकर कहते हैं। इनको अलग से power देने की जरूरत नहीं पड़ती है।

ऐसे स्पीकर जिसको सिस्टम में बाहर से connect किया जाता है उसे External speaker कहते है। ये size में छोटे-बड़े हो सकते है इनको पावर अलग से देना पड़ता हैं।


आज अपने क्या सीखा

मुझे पूरा उम्मीद हैं कि speaker kya hai kitne prakar hai, से आपको पूरा समझ मे आया होगा। मैं प्रत्येक लेख को सरल, स्पष्ट और पूरा जानकारी देने का प्रयास करता हू। धन्यवाद!!

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